पुणे न्यूज डेस्क: पुणे से कोल्हापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफ़र इन दिनों बेहद मुश्किल हो गया है। सड़क चौड़ीकरण में देरी, जगह-जगह पड़े गड्ढे और खराब मार्ग की वजह से चार से पाँच घंटे की दूरी तय करने में यात्रियों को अब आठ से नौ घंटे लग रहे हैं। खराब सड़कों पर टोल नहीं वसूलने के आदेशों के बावजूद स्थिति में खास सुधार देखने को नहीं मिला, जिसके चलते एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने संसद में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया।
साधारण प्रश्न के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि पुणे–कोल्हापुर मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार इसे प्राथमिकता के साथ पूरा करने में लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुणे–सातारा का हिस्सा पहले रिलायंस के पास था, लेकिन अब उसका अनुबंध समाप्त कर दिया गया है और पूरे मार्ग का नया अध्ययन चल रहा है। मंत्री ने यह भी बताया कि परियोजना के लिए 6,000 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है।
गडकरी ने कहा कि पुणे में वेस्टर्न बायपास की सर्विस लेन का काम बजट आवंटन के साथ शुरू कर दिया गया है। खंबाटकी घाट में नए बोगदे का निर्माण भी जल्द शुरू होगा, जिससे यात्रा समय और जोखिम दोनों कम होंगे। सातारा से कोल्हापुर तक का काम पहले ही मंजूर हो चुका है, लेकिन कुछ तकनीकी और स्थानीय दिक्कतों के कारण इसकी गति धीमी पड़ी है। इन मुद्दों के समाधान के लिए वे खुद अगले सप्ताह समीक्षा बैठक करेंगे।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि पूरा प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे बेंगलुरु रूट के वाहनों को भी राहत मिलेगी। उनके अनुसार यह केवल सड़क निर्माण का काम नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली महत्त्वपूर्ण परियोजना है। आने वाले समय में पुणे–कोल्हापुर हाईवे की स्थिति सुधरने और यात्रा समय घटने की उम्मीद जताई जा रही है।